आपकी नन्ही-सी गुड़िया

माँ आपकी बेटी, आपकी नन्ही-सी गुड़िया जो कल तक आपकी गोदी में खेला करती थी आज शादी के जोड़े में आपके सामने है, आप ने ही मुझे इस दुनिया से मिलवाया था, आप ने ही तो सिखलाया था, तेरे सामने ये संसार तो बहुत छोटा है, तेरे पंखों में दम है तो, नील गगन भी छोटा है

माँ आज भी मै आपकी वही नन्ही-सी गुड़िया हूँ भोली-भाली, डरी-सहमी सी|

अपने कहा था, कोई ना हो जब तेरे साथ तो तू बिलकुल मत घबराना मेरी नन्ही-सी गुड़िया, तेरी माँ तेरे साथ है

पीछे हटना, डरना-झुकना, तेरे लिए है नहीं बना, आगे बढ़ कर सूरज छूना, तेरी आंख का है सपना

तुझको तो दुनिया से आगे, एक रास्ते पर जाना है, क्या मोल है तेरे वजूद का तुमने अपनों को बतलाना है
माँ आज भी मै आपकी वही नन्ही-सी गुड़िया हूँ भोली-भाली, डरी-सहमी सी |
माँ जब हम हंसते-खेलते और साथ में मिल कर गाते थे,
कच्चे-पक्के अमरूदों को, संग मिल कर खाते थे
उन कदमों के निशान माँ, अब भी बिखरे यहीं-कहीं, कहा मिलेगी ऐसे मजे जो आप ने करवाये थे
जब मैं रोती थी तो आप मेरे आंसू पोछें कर बोलते थे
 अरे पगली सारी मुसीबतों का सामना कर लेंगे हम माँ बेटी मिलकर
इतनी सारी उलझन होगी, सारे नए लोग होंगे और
माँ आप भी पास नहीं होंगे कही ये नन्ही-सी टूट जाए
पर माँ एक चीज हमेशा मेरे साथ होगी वो है आपकी सीख है, मैं इसके सहारे ही तर जाऊंगी,
माँ आज भी मै आपकी वही नन्ही-सी गुड़िया हूँ फिर से अपने आंगन में हम साथ में मिल कर गाएंगे, माँ देखना अपने मौज भरे दिन फिर से लौट के आएंगे……
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